स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत पुल पर आवाजाही रोक दी, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। यह पुल भागलपुर, नवगछिया और उत्तर बिहार को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जहां प्रतिदिन लाखों लोग आवाजाही करते हैं।
घटना के बाद पुल के रखरखाव और तकनीकी निरीक्षण को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते ट्रैफिक भार और समय-समय पर निरीक्षण की कमी जैसी वजहें इस तरह की घटनाओं को जन्म दे सकती हैं।
फिलहाल प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया है और विशेषज्ञों की टीम जांच में जुट गई है। साथ ही वैकल्पिक यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।