दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य जनगणना में ‘सरना धर्म कोड’ को शामिल कराने की मांग को केंद्र के समक्ष मजबूती से रखना है। इस दौरान उनकी मुलाकात राष्ट्रपति Droupadi Murmu सहित कई केंद्रीय नेताओं से हो सकती है। गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा से प्रस्ताव पारित होने के बावजूद यह मुद्दा अभी केंद्र सरकार के पास लंबित है।
सूत्रों के अनुसार, 4 मई को आने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों के मद्देनजर भी यह दौरा अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री की दिल्ली में मौजूदगी को विपक्षी एकजुटता और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा ‘एक तीर, दो निशाने’ वाली रणनीति का हिस्सा है—एक ओर आदिवासी समाज के मुद्दे को मजबूत करना, तो दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक पकड़ बढ़ाना। मुख्यमंत्री के 5 मई को रांची लौटने की संभावना है, तब तक उनकी बैठकों और सियासी गतिविधियों पर सभी की नजर बनी रहेगी।