सूत्रों के मुताबिक, बिहार में बीजेपी कोटे से 16 से 17 मंत्रियों को शामिल किए जाने की संभावना पर मंथन किया गया। साथ ही कुछ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में जगह देने को लेकर गंभीर विचार-विमर्श हुआ है।
बताया जा रहा है कि आगामी राजनीतिक समीकरणों और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का स्वरूप तय किया जाएगा। इसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन के साथ-साथ पार्टी के वरिष्ठ और युवा नेताओं को भी साधने की रणनीति पर काम हो रहा है।
दिल्ली में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक को बिहार की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मंत्रिमंडल विस्तार कब होता है और किन नए चेहरों को मौका मिलता है।