यह टैंकर पश्चिम एशिया क्षेत्र में जारी तनाव के बीच सुरक्षित मार्ग से निकलने में सफल रहा, जिसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है और यहां किसी भी तरह की बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ता है।
सूत्रों के मुताबिक, जहाज के 13 मई तक विशाखापत्तनम पहुंचने की उम्मीद है, जहां यह LPG की आपूर्ति करेगा।
इस सुरक्षित पारगमन को भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक परिस्थितियां संवेदनशील बनी हुई हैं।