सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुनवाई के दौरान आंशिक बहस पूरी की, जबकि बचाव पक्ष अपनी दलीलें पहले ही समाप्त कर चुका है।
यह मामला राज्य की राजनीति और कानूनी प्रक्रिया दोनों पर असर डाल सकता है, क्योंकि अगला फैसला आरोप तय होने की दिशा तय करेगा।
क्या हुआ:-पीएमएलए की विशेष अदालत में 86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई हुई।
इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और जमीन के मूल रैयत राजकुमार पाहन द्वारा दायर डिस्चार्ज पिटीशन पर बहस की गई।
ग्राउंड रियलिटी / खास जानकारी:-अदालत में मौजूद सूत्रों के मुताबिक, ईडी की ओर से बहस अभी पूरी नहीं हुई है और अंतिम दलीलें आने वाले चरण में रखी जाएंगी।
बताया जा रहा है कि मामले में दस्तावेजी साक्ष्यों और जमीन के स्वामित्व को लेकर विस्तृत कानूनी परीक्षण चल रहा है।
मुख्य बिंदु:-मामला: 86 एकड़ जमीन से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस
अदालत: पीएमएलए विशेष कोर्ट, रांची
हेमंत सोरेन की अगली सुनवाई: 2 जून 2026
राजकुमार पाहन की अगली सुनवाई: 2 मई 2026
डिस्चार्ज पिटीशन दाखिल: 5 दिसंबर 2025
क्यों महत्वपूर्ण
यह मामला झारखंड की राजनीति में अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री सीधे तौर पर पक्षकार हैं।
कोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि आरोप तय होंगे या आरोपियों को राहत मिलेगी।
ताजा अपडेट:-ईडी की ओर से बहस जारी है और उसके पूरा होने के बाद अदालत अपना फैसला सुरक्षित रख सकती है।
फिलहाल, अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है और सभी पक्षों को आगे की दलीलों के लिए समय दिया गया है।